| ताज़ा अपडेट: • हरियाणा सरकार ने पुरानी “लाडली योजना” (2005 से चल रही) को इसी योजना में मर्ज कर दिया है — इसलिए 22 जनवरी 2015 से पहले और बाद में जन्मी बेटियों के लिए अलग-अलग नियम और राशि लागू होती है, आवेदन से पहले अपनी बेटी की जन्मतिथि के अनुसार सही स्लैब जांच लें। • राशि सीधे नकद नहीं मिलती — यह LIC में निवेश की जाती है और बेटी के 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर ब्याज सहित मिलती है, बशर्ते वह उस समय तक अविवाहित हो। |
| हरियाणा सरकार की आपकी बेटी हमारी बेटी योजना के तहत, 22 जनवरी 2015 या उसके बाद जन्मी बेटियों के लिए ₹21,000 की राशि LIC में निवेश की जाती है — SC/BPL परिवारों की पहली बेटी के लिए, और किसी भी परिवार की दूसरी व तीसरी बेटी के लिए। यह राशि बेटी के 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर ब्याज सहित दी जाती है, बशर्ते वह उस समय तक अविवाहित हो। पंजीकरण गर्भावस्था के दौरान नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र में या saralharyana.gov.in (सरल पोर्टल) पर किया जा सकता है। |
Quick Info Table
| श्रेणी / जन्मतिथि | राशि |
| SC/BPL परिवार — पहली बेटी (22 जनवरी 2015 या बाद में जन्म) | ₹21,000 (LIC में, 18 वर्ष पर ब्याज सहित) |
| किसी भी परिवार — दूसरी/तीसरी बेटी (22 जनवरी 2015 या बाद में जन्म) | ₹21,000 (LIC में, 18 वर्ष पर ब्याज सहित) |
| दूसरी बेटी (22 जनवरी 2015 से पहले जन्म — पुरानी लाडली योजना) | ₹5,000/वर्ष, 5 वर्ष तक |
| जुड़वां बेटियां (22 जनवरी 2015 से पहले जन्म) | ₹2,500/वर्ष प्रति बेटी, 5 वर्ष तक |
योजना क्यों ज़रूरी है?
प्रीतम सिंह की पत्नी ने जब दूसरी बेटी को जन्म दिया, तो घर में मायूसी छा गई — बेटा न होने का मलाल परिवार पर हावी था। आंगनवाड़ी वर्कर ने आकर बताया कि हरियाणा सरकार दूसरी बेटी के जन्म पर भी ₹21,000 LIC में जमा करती है, जो उसके 18 साल की होने पर ब्याज सहित मिलेंगे। इस योजना का मकसद यही है — बेटियों के जन्म को बोझ नहीं, बल्कि भविष्य में निवेश के तौर पर देखने की सोच बदलना, और कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं को रोकना।
योजना की पूरी संरचना समझें
यह योजना 2015 में शुरू हुई पुरानी “लाडली योजना” के साथ मिलाकर बनाई गई है, इसलिए बेटी की जन्मतिथि के अनुसार अलग-अलग नियम लागू होते हैं:
- 22 जनवरी 2015 या उसके बाद जन्मी बेटियां — SC/BPL परिवार की पहली बेटी, और किसी भी जाति/आय वर्ग के परिवार की दूसरी व तीसरी बेटी को ₹21,000 मिलते हैं (24 अगस्त 2015 से तीसरी बेटी को भी शामिल किया गया)।
- 22 जनवरी 2015 से पहले जन्मी दूसरी बेटी — पुरानी लाडली योजना के तहत परिवार को ₹5,000 प्रति वर्ष, 5 वर्ष तक मिलते हैं।
- 22 जनवरी 2015 से पहले जन्मी जुड़वां बेटियां — दोनों बेटियों को अलग-अलग ₹2,500 प्रति वर्ष, 5 वर्ष तक मिलते हैं।
- जुड़वां/एक से अधिक बेटियां (नई स्कीम के तहत) — पात्रता शर्तें पूरी होने पर हर बेटी के लिए अलग से लाभ मिलता है।
पात्रता की शर्तें
- बेटी के माता-पिता हरियाणा राज्य के स्थायी निवासी हों।
- माता-पिता में से कम से कम एक और बेटी, दोनों का हरियाणा में निवास होना ज़रूरी है।
- SC/BPL परिवार की पहली बेटी पात्र है; अन्य सभी परिवारों की दूसरी और तीसरी बेटी पात्र है — जाति, धर्म या आय की कोई बाध्यता नहीं।
- बेटी का जन्म पंजीकरण (Birth Registration) होना अनिवार्य है।
- बेटी का समय पर सभी ज़रूरी टीकाकरण होना चाहिए, और उसका रिकॉर्ड आवेदन के साथ देना होगा।
- गर्भवती महिला का नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण अनिवार्य है।
ज़रूरी दस्तावेज़
- माता-पिता का निवास प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड
- बेटी का जन्म प्रमाण पत्र
- बेटी का टीकाकरण कार्ड/रिकॉर्ड
- परिवार पहचान पत्र (Family ID)
- SC/BPL प्रमाण पत्र (जहां लागू हो)
आवेदन कैसे करें
- गर्भावस्था के दौरान ही नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र में पंजीकरण कराएं।
- बेटी के जन्म के बाद आंगनवाड़ी केंद्र से आवेदन फॉर्म प्राप्त करें (यह मुफ्त मिलता है)।
- फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरकर ज़रूरी दस्तावेज़ संलग्न करें।
- भरा हुआ फॉर्म आंगनवाड़ी केंद्र या संबंधित ज़िला कार्यालय में जमा करें।
- महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सत्यापन के बाद, पात्र पाए जाने पर LIC में निवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है।
ऑनलाइन आवेदन के लिए saralharyana.gov.in (सरल पोर्टल) पर भी जाया जा सकता है — नए यूज़र रजिस्ट्रेशन कर, लॉगिन कर आवेदन फॉर्म ऑनलाइन भरा जा सकता है।
राशि कब और कैसे मिलती है
- जमा राशि LIC में तब तक निवेशित रहती है जब तक बेटी 18 वर्ष की नहीं हो जाती।
- 18 वर्ष पूरे होने पर मूल राशि ब्याज सहित बेटी को दी जाती है, बशर्ते वह उस समय तक अविवाहित हो।
- अगर बेटी की मृत्यु 18 वर्ष की आयु से पहले हो जाती है, तो योजना की राशि रद्द कर दी जाती है।
- अगर मृत्यु 18 वर्ष की आयु के बाद होती है, तो यह राशि माता-पिता को दी जाती है।
- 18 वर्ष से पहले शादी होने पर बेटी को इस योजना का लाभ नहीं मिलता — यह प्रावधान बाल विवाह को हतोत्साहित करने के लिए रखा गया है।
आम गलतियाँ जिनसे बचें
- बेटी की जन्मतिथि के अनुसार सही स्लैब (नई योजना ₹21,000 बनाम पुरानी लाडली योजना ₹5,000/वर्ष) का ध्यान न रखना — गलत स्लैब में आवेदन करने से देरी हो सकती है।
- बेटी के जन्म पंजीकरण और टीकाकरण रिकॉर्ड में देरी करना — यह दस्तावेज़ बाद में आवेदन में अनिवार्य रूप से मांगे जाते हैं।
- यह सोचकर आवेदन न करना कि परिवार SC/BPL में नहीं आता — दूसरी और तीसरी बेटी के लिए यह योजना हर जाति और आय वर्ग के परिवार के लिए खुली है।
- 18 वर्ष से पहले बेटी की शादी करने की स्थिति में लाभ छूटने की जानकारी न होना।
संबंधित सेवाएं और योजनाएं
इस योजना से जुड़ी इन हरियाणा-केंद्रित सेवाओं की जानकारी भी देखें:
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आपकी बेटी हमारी बेटी योजना में कितनी राशि मिलती है?
22 जनवरी 2015 या बाद में जन्मी बेटियों के लिए ₹21,000 (SC/BPL परिवार की पहली बेटी, या किसी भी परिवार की दूसरी/तीसरी बेटी) — यह राशि LIC में निवेश होकर 18 वर्ष पर ब्याज सहित मिलती है।
क्या यह राशि तुरंत नकद मिलती है?
नहीं, राशि LIC में निवेश की जाती है और बेटी के 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर ब्याज सहित मिलती है — बशर्ते वह उस समय तक अविवाहित हो।
क्या सभी परिवार इस योजना के लिए पात्र हैं?
पहली बेटी के लिए सिर्फ SC/BPL परिवार पात्र हैं, पर दूसरी और तीसरी बेटी के लिए किसी भी जाति या आय वर्ग का परिवार पात्र है।
22 जनवरी 2015 से पहले जन्मी बेटियों का क्या होगा?
उन पर पुरानी लाडली योजना के नियम लागू होते हैं — दूसरी बेटी को ₹5,000/वर्ष (5 वर्ष तक) और जुड़वां बेटियों को ₹2,500/वर्ष प्रति बेटी (5 वर्ष तक) मिलते हैं।
आवेदन कहां से करें?
नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र से फॉर्म लेकर ऑफलाइन आवेदन किया जा सकता है, या saralharyana.gov.in (सरल पोर्टल) से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
अगर बेटी की शादी 18 साल से पहले हो जाए तो क्या होगा?
18 वर्ष से पहले शादी होने पर योजना का लाभ नहीं मिलेगा — यह प्रावधान बाल विवाह रोकने के लिए रखा गया है।
अगर बेटी की मृत्यु हो जाए तो राशि का क्या होता है?
18 वर्ष की आयु से पहले मृत्यु होने पर योजना की राशि रद्द हो जाती है। 18 वर्ष के बाद मृत्यु होने पर राशि माता-पिता को दी जाती है।
जुड़वां बेटियां होने पर क्या दोनों को लाभ मिलेगा?
हां, जुड़वां या एक से अधिक बेटियों के मामले में पात्रता शर्तें पूरी होने पर हर बेटी को अलग से योजना का लाभ मिलता है।
क्या टीकाकरण रिकॉर्ड देना ज़रूरी है?
हां, बेटी का समय पर टीकाकरण होना और उसका रिकॉर्ड आवेदन के साथ देना अनिवार्य है।
क्या यह योजना अब भी चालू है?
हां, यह योजना अभी सक्रिय है और पात्र लाभार्थियों को लाभ दिया जा रहा है।